मुझे कब से इसी दिन का इंतज़ार था .... ये लाजवाब है, हिंदे लिपी में स्वचालित अनुवाद।
अरे वाह! ये तो पूर्ण विराम भी लागाता है ...
अंततः गूगल देवता ने मेरी सुन ली, और ये अति उत्तम तरीका मुझे दिया हिंदी लिखने का। धन्य हो महाराज , आप ना होते तो हम लघु मनुष्य ना जाने कब तब इस सहजता से वंचित रहते।
गूगल देवता की जय !
2 comments:
हम भी शामिल हैं -
गूगल देवता की जय!!
अब धड़ाधड़ और घुँआधार लिखिए हिन्दी में!
wow...
thats cool...
google rocks!!!
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